सोना, नहाना और दूर कही शुन्य में खोए रहना,
लगातार तीसरी बार प्री-मेडिकल परीक्षा में असफल होने के बाद यही मेरा जीवन था…3 महीने तक यही चलता रहा
इन तीन महीनो को मै अपने जीवन का काला अध्याय समझता हूँ
लेकिन यही 3 महीने मेरे पथ प्रदर्शक भी है
अंधकार को चीर के उसमे उजाला भर देने वाला ही सूरज कहलाता है, जो समस्त संसार को उदीयमान करता है
हिंदी का बचपन से ही कायल रहा हूँ, बहुत शौक है हिंदी को पढ़ने का, सिखने का, लिखने का
और इसी हिंदी ने मुझे उस गर्त से निकाला , अवसाद से निकाला
मै पुरे दिन लेटा रहता तो कविताएं पढता, उनसे मुझे प्रेरणा मिली की जीवन यहीँ इस प्री-मेडिकल पर आकर ख़त्म नहीं होता, उसके पार भी जीवन है
उन दिनों मैंने एक कविता भी लिखी जो आपको पढ़ाना चाहूंगा…
स्वप्न की तलाश में, वह फिर रहा इधर उधर
चल पड़ा आँखे मूंदकर
झटके लगे फिर इस कदर
गिर पड़ा राही टूटकर
ना फ़िक्र कर,ना फ़िक्र कर
यूँ ना कर खुद को दरबदर
केवल यही जीवन नहीं, है और भी लाखों डगर
प्रयत्न कर , प्रयत्न कर
इस तरह माँ हिंदी का जो अहसान मेरे ऊपर है उसे मै ताउम्र नहीं भूल सकता
हिंदी ने अपने माँ होने का फर्ज पूरा किया है तो मै भी उसके अहसान चुकता करने का प्रयत्न करता रहूँगा
इन सब के बाद मै अवसाद से बाहर आया और कृषि प्रवेश परीक्षा में बैठा और उसमें सफल हुआ
और वर्तमान में मै राजस्थान कृषि महाविद्यालय , उदयपुर में जो की राजस्थान में ही नहीं अपितु संपूर्ण भारत में सर्वश्रेष्ठ कृषि महाविद्यालयों में गिना जाता है, में अध्यनरत हूं
तो दोस्तों जीवन असीम है , इसे किसी सीमा में बाँधा नहीं जा सकता, जहा हम ये सोच बैठते है कि अब जीवन में कुछ भी बाकि नहीं है , असल में जीवन की शुरुआत वही से होती है
अपनी सोच के दायरे को विस्तृत करें, जीवन को महसूस करे, उसे जीना सीखे, किसी एक जगह असफल होने से जीवन को व्यर्थ ना समझ बैठे… जीवन हजारो अवसर देता है , बस उस अवसर को भुनाने की जरूरत है…
नर हो ना निराश करो मन को
इस पंक्ति को जीवन में उतारे और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़े
अगर आपके पास निराश होने का एक कारण है तो खुश होने की भी सैंकड़ो वजहें है
इसलिए जीवन में सकारात्मकता को जगह दे और नकारात्मकता को निकाल फेंके
इतिहास में हजारों उदहारण है जब लोगो ने निराशा, अवसाद और असफलता से आगे बढ़कर कुछ बड़ा किया है
उन्हें अपना आदर्श बनाये और हँसते खिलखिलाते हुए जीवन पथ पर आगे बढे
#नमस्कार
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